सर्दियों का मौसम थायरॉइड से पीड़ित लोगों के लिए चुनौतियों से भरा हो सकता है। ठंड बढ़ने पर शरीर में सुस्ती, अधिक थकान, वजन बढ़ना और ठंड अधिक महसूस होना जैसी समस्याएँ आम हो जाती हैं। ऐसे में सिर्फ दवाई लेना काफी नहीं, बल्कि सही डाइट का पालन करना भी बेहद ज़रूरी है।
डॉ. अमित कुमार (एंडोक्राइनोलॉजिस्ट) के अनुसार सर्दियों में कुछ खाद्य पदार्थ थायरॉइड के लक्षणों को और बढ़ा सकते हैं। इसलिए इनसे परहेज़ करना चाहिए ताकि आपका स्वास्थ्य बेहतर रहे और दवाइयों का असर भी सही तरीके से दिखे।
🔴 थायरॉइड मरीजों को सर्दियों में किन चीज़ों से बचना चाहिए?
❌ तली-भुनी चीज़ें और जंक फूड
सर्दियों में गरमागरम स्नैक्स और बाहर के तले-भुने फूड्स का सेवन वजन बढ़ा सकता है और थकान को बढ़ा सकता है।
❌ अत्यधिक मसालेदार भोजन
ज्यादा मसालों वाला खाना पाचन को मुश्किल बनाता है और थायरॉइड लक्षणों को भड़का सकता है।
❌ सोया और सोया से बनी चीज़ें (जैसे टोफू)
सोया प्रोडक्ट्स थायरॉइड हार्मोन संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए इनका अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।
❌ क्रूसीफेरस सब्ज़ियां (जैसे पत्ता गोभी, फूल गोभी, ब्रोकली)
ये सब्ज़ियाँ कच्ची हालत में अधिक खाने से आयोडीन के उपयोग में रुकावट पैदा कर सकती हैं, जिससे थायरॉइड बिगड़ सकता है।
❌ मीठा, मैदा और बेकरी प्रोडक्ट्स
इन्हें खाने से वजन बढ़ सकता है और थायरॉइड संबंधी परेशानियाँ और गंभीर हो सकती हैं।
❌ ज़रूरत से ज़्यादा चाय और कॉफ़ी
काफी मात्रा में कैफीन का सेवन दवा के असर और पाचन को प्रभावित कर सकता है।
🟢 सर्दियों में थायरॉइड मरीजों को क्या खाना चाहिए?
✔️ गुनगुना दूध, दही और पनीर
ये प्रोटीन और ऊर्जा का अच्छा स्रोत हैं और शरीर को मजबूती देते हैं।
✔️ हरी सब्ज़ियाँ और मौसमी फल
संतुलित पोषण के लिए हरी सब्ज़ियाँ आवश्यक हैं।
✔️ साबुत अनाज
फाइबर और जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति करते हैं।
✔️ बादाम, अखरोट और अलसी जैसे नट्स/बीज
ये शरीर को ऊर्जा देते हैं और सर्दी में ताकत बनाए रखते हैं।
✔️ पर्याप्त प्रोटीन
थकान कम और शरीर को सक्रिय रखने में मदद करता है।
🧠 थायरॉइड के लिए कुछ और ज़रूरी सुझाव
✅ दवाइयाँ समय पर और नियमित लें।
✅ सर्दी में शरीर को अच्छी तरह ढककर रखें।
✅ रोज़ हल्की एक्सरसाइज़ या योग करें।
✅ पूरी नींद लें और तनाव से बचें।
✅ समय-समय पर थायरॉइड की जांच कराते रहें।
अगर आप थायरॉइड के मरीज हैं, तो सर्दियों में अपने खाने-पीने और जीवनशैली पर थोड़ा और ध्यान देना ज़रूरी है। गलत खानपान से न केवल लक्षण बढ़ सकते हैं, बल्कि दवाई का असर भी कम हो सकता है। 🌿